अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, तीन बीघा में विकसित की जा रही प्लॉटिंग ध्वस्त

देहरादून। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के दिशा निर्देशों के क्रम में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को देहरादून क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। एमडीडीए की टीम ने हरभजवाला, निकट फॉरेस्ट चौकी, डीएसपी चौक, शिमला बाईपास क्षेत्र में ताहिर अंसारी द्वारा लगभग तीन बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को चिन्हित किया। जांच में पाया गया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा बिना प्राधिकरण की स्वीकृति एवं मानचित्र अनुमति के प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था, जो प्राधिकरण अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है।

ये भी पढ़ें:  उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी बैंक की खुलेंगी 34 नई शाखाएं, सहकारी बैंकों के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में मिलेंगी बैंकिंग सेवाएं – धन सिंह

संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाई गई सड़क, सीमांकन एवं अन्य निर्माण कार्यों को हटाया गया। स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग, निर्माण अथवा भूमि विकास कार्य को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

प्राधिकरण ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड अथवा संपत्ति की खरीद-फरोख्त से पूर्व उसकी वैधता एवं प्राधिकरण से स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उक्त कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा सहित प्राधिकरण का सुपरवाइजरी स्टाफ मौके पर उपस्थित रहा।

ये भी पढ़ें:  एक साल बाद बदली धराली की तस्वीर, आपदा के मलबे से निकलकर फिर खड़ी हुई जिंदगी, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में भागीरथी घाटी में पुनर्वास से पुनर्विकास तक तेज रफ्तार से हुआ काम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *