लखपति दीदी योजना बनी ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक ताकत, पौड़ी में 33700 से अधिक महिलाएं हुईं सशक्त

पौड़ी : पहाड़ में सीमित रोजगार के बीच आज पौड़ी गढ़वाल की हजारों महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नयी इबारत लिख रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में लखपति दीदी योजना ने इन महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और नयी पहचान भी दी है। जनपद में अब तक 33,700 से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने में सफल रही हैं।

कभी परिवार की आय में सहयोग तक सीमित रहने वाली महिलाएं आज स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बेकरी, कैफे, डेयरी, किराना, बकरी पालन, कुक्कुट पालन, कृषि और बैंक सखी जैसे अनेक क्षेत्रों में सफल उद्यमी बन रही हैं। उनकी सफलता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नयी मजबूती दे रही है।

ये भी पढ़ें:  युवा संवाद में मुख्यमंत्री धामी के कामों की हुई खुलकर तारीफ, रोजगार और पारदर्शिता को बताया नई पहचान

दुग्ध व्यवसाय से जुड़ी आरती रावत की उपलब्धि और भी प्रेरणादायी है। बेहतर कार्य के कारण उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऑनलाइन माध्यम से ‘लखपति दीदी’ के रूप में सम्मानित किया गया। आरती कहती हैं कि यह योजना महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि अपने सपनों को साकार करने का विश्वास भी देती है।

मुख्यालय स्थित बेकरी में कार्यरत उमा देवी और कुसुम देवी इसकी जीवंत मिसाल हैं। दोनों बताती हैं कि पहाड़ में रोजगार के अवसर सीमित हैं, लेकिन लखपति दीदी योजना ने उन्हें अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज वे नियमित आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां निभा रही हैं और आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।

ये भी पढ़ें:  अब सीधे अफसरों के सामने रखिए अपनी बात, एमडीडीए में हर महीने दो बार लगेगा ‘समाधान दिवस’

सरकारी सहायता से संचालित कैफे में कार्यरत शालिनी पंवार और अंजू थपलियाल बताती हैं कि पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे अपने परिवार की आय का मजबूत आधार बनेंगी। आज वे सम्मानपूर्वक रोजगार कर रही हैं और भविष्य के प्रति पहले से अधिक आश्वस्त हैं।

इसी तरह रामेश्वरी देवी ने योजना के सहयोग से अपने छोटे किराना व्यवसाय को आगे बढ़ाया। अब उनकी दुकान की आय बढ़ी है और उन्होंने अन्य व्यवसाय भी शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि इस योजना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।

परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय के अनुसार जनपद की महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। प्रशासन का प्रयास है कि हर पात्र महिला तक योजना का लाभ पहुंचे और वह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़े।

ये भी पढ़ें:  थारू जनजाति संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनी जनजाति समाज की समस्याएं

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि जनपद में 33 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी योजना से लाभान्वित होकर व्यक्तिगत और सामूहिक उद्यमों के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को इस अभियान से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

पौड़ी गढ़वाल में लखपति दीदी योजना अब केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि हजारों महिलाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला अभियान बन चुकी है। इन महिलाओं की सफलता यह साबित करती है कि अवसर, प्रशिक्षण और संकल्प मिल जाए तो पहाड़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नयी मिसाल कायम कर सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *